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*सुल्तानपुर घोष में भीषण सड़क हादसा: तीन की मौके पर मौत, दो गंभीर घायल ऐरायां माशायक के पास आमने-सामने भिड़ीं दो मोटरसाइकिलें एक ही बाइक पर सवार चार लोग, टक्कर बनी जानलेवा तीन दिन पहले ललौली में चार मौतें, अब फिर उठा प्रशासन पर सवाल*

*सुल्तानपुर घोष में भीषण सड़क हादसा: तीन की मौके पर मौत, दो गंभीर घायल ऐरायां माशायक के पास आमने-सामने भिड़ीं दो मोटरसाइकिलें एक ही बाइक पर सवार चार लोग, टक्कर बनी जानलेवा तीन दिन पहले ललौली में चार मौतें, अब फिर उठा प्रशासन पर सवाल*

फतेहपुर में सड़कें बन रहीं मौत का रास्ता, कब जागेगा सिस्टम?
फतेहपुर की सड़कों पर फिर बहा खून…एक ही बाइक पर चार सवार, सामने से आई दूसरी बाइक और पल भर में उजड़ गए तीन घर। सुल्तानपुर घोष के ऐरायां माशायक के पास आमने-सामने की टक्कर ने तीन ज़िंदगियां छीन लीं, दो मौत से जूझ रहे हैं। तीन दिन पहले चार मौतें, आज फिर मातम—सवाल वही… क्या फतेहपुर में रफ्तार पर कोई लगाम है या सिस्टम अब भी सो रहा है फतेहपुर। जनपद में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला थाना क्षेत्र के अंतर्गत ऐरायां माशायक के समीप सामने आया, जहां दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत में तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार, हुसैनगंज थाना क्षेत्र के पतरहा गांव निवासी श्याम सिंह, उनके भाई मनथाल सिंह, गोरेलाल और चाचा के पुत्र राजेंद्र सिंह एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी कार्यक्रम में जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक सुल्तानपुर घोष क्षेत्र के ऐरायां माशायक के पास पहुंची, तभी सामने से आ रही मोतीलाल पासवान की मोटरसाइकिल से आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों मोटरसाइकिलों के परखच्चे उड़ गए और सभी सवार सड़क पर जा गिरे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग जुट गए। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन मनथाल सिंह, गोरेलाल और राजेंद्र सिंह ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
वहीं श्याम सिंह और मोतीलाल पासवान को गंभीर हालत में पहले हथगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है।मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सड़क हादसे महज़ आंकड़े नहीं होते—ये टूटते परिवारों की चीखें हैं। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से पहनें।तेज़ रफ्तार, ओवरलोडिंग और लापरवाही से बचें।
एक बाइक पर एक से अधिक सवारी न बैठाएं।प्रशासन से मांग है कि संवेदनशील मार्गों पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और नियमित चेकिंग तुरंत सुनिश्चित की जाए।एक छोटी सी सावधानी, किसी की पूरी ज़िंदगी बचा सकती है।फिर सवालों के घेरे में प्रशासन
गौरतलब है कि तीन दिन पहले ललौली थाना क्षेत्र में हुए हादसे में चार लोगों की जान गई थी। इसके बावजूद न तो यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ और न ही संवेदनशील मार्गों पर कोई ठोस कदम उठाए गए। लगातार हो रही मौतें यह साफ संकेत दे रही हैं कि अगर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात और भयावह हो सकते हैं।फतेहपुर की सड़कें थम नहीं रहीं… और मौतें रुकने का नाम नहीं ले रहीं। अब वक्त आ गया है कि चेतावनियों से आगे बढ़कर ठोस सुधार, सख्त निगरानी और नियमों के कड़े पालन को ज़मीन पर उतारा जाए।लगातार हो रहे हादसे यह स्पष्ट करते हैं कि फतेहपुर की सड़कों पर सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं हैं। संवेदनशील मार्गों पर स्पीड कंट्रोल, नियमित ट्रैफिक चेकिंग, हेलमेट और ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त प्रवर्तन जैसे कदम अब टाले नहीं जा सकते।प्रशासन की जिम्मेदारी केवल हादसे के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समय रहते रोकथाम सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। जब तक सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता, जवाबदेही और ठोस निगरानी के साथ लागू नहीं किया जाएगा, तब तक हर नई दुर्घटना यही सवाल दोहराएगी—क्या जान की कीमत नियमों से कम है?

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