विजयीपुर, फतेहपुर। विजयीपुर विकासखंड के महावतपुर असहट ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन पर खर्च होने वाले लाखों रुपये के बावजूद गांव की स्थिति बद से बदतर है। जगह-जगह कीचड़, गंदगी और अव्यवस्थाओं का ऐसा अंबार है कि ग्रामीण वर्षों से परेशान हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि मिशन के तहत गांव में बनाए गए नोपेड (कचरा गड्ढे) निजी उपयोग में लिए जा रहे हैं। कई नोपेड वर्षों से खाली पड़े हैं, जिन पर लकड़ी फट्टे डालकर पशुओं को बांधने और चारा खिलाने का स्थान बना दिया गया है। वहीं कचरा बॉक्स भी शोपीस बनकर रह गए हैं।
गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में बनाए गए खाद गड्ढों की दशा और भी खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि इन गड्ढों का निर्माण सिर्फ खानापूर्ति और भ्रष्टाचार छिपाने के लिए किया गया। अब ये गड्ढे खेतों की लहलहाती फसलों के बीच खरपतवार और झाड़ियों से भर गए हैं। असलियत यह है कि खाद प्रबंधन या कचरा निस्तारण की कोई व्यवस्था धरातल पर मौजूद ही नहीं है।पंचायत का कचरा रिक्शा भी हमेशा पंचायत भवन में खड़ा रहता है, जिसका उपयोग बेहद कम या निजी कामों में किया जाता है। इसके बावजूद हर महीने पंचायत निधि से सफाई के नाम पर हजारों रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
ग्रामीण गुलशन केसकर, अमित कुमार, अर्जुन, इंद्रजीत कुमार आदि ने आरोप लगाया कि पंचायत में सफाई व्यवस्था पूरी तरह विफल है और भुगतान फर्जी तरीके से किया जा रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जांच कर स्थानीय जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।।
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