सरकंडी ग्राम पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत असोथर में कराए गए विकास कार्यों की जांच के दौरान बुधवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब जांच के बाद ग्राम प्रधान पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। घटना से अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया, जबकि अधिकारी-कर्मचारी जान बचाकर मौके से निकल गए।
जानकारी के अनुसार पीडी मनरेगा शेष्मणि के नेतृत्व में बीडीओ असोथर, ज्वाइंट बीडीओ, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, जेई आरईडी, जिला लेखाधिकारी एवं छह ग्राम विकास अधिकारियों की संयुक्त टीम बुधवार को सरकंडी पहुंची थी। टीम ने ग्राम पंचायत सरकंडी तथा ग्राम सभा में क्षेत्र पंचायत मद से कराए गए कार्यों की स्थलीय जांच की।
जांच के दौरान खड़ंजा, इंटरलॉकिंग, शौचालय, नलकूप मरम्मत, रीबोर, नाली निर्माण सहित अन्य कार्यों को परखा गया। इन कार्यों को लेकर रोशन सिंह, इंद्रेश तिवारी, हड़तालिकां दत्त, मनोज शर्मा एवं राहुल सिंह द्वारा जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया गया था। इसी शिकायत के क्रम में जांच टीम सरकंडी खास, बदलेवा, शीतल का डेरा, रामकरण का डेरा, राम सहाय का डेरा और मंजी कुआं पहुंची थी।
जांच समाप्त होने के बाद शाम करीब चार बजे लौटते समय, जांच स्थल से लगभग एक किलोमीटर पहले सरकंडी खास के पास दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद दोनों ओर से लाठी-डंडों से लैस लोग मारपीट पर आमादा हो गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान कई लोग घायल हुए हैं।थाना प्रभारी असोथर ने बताया कि जांच के दौरान एहतियातन दोनों पक्षों को अलग-अलग रखा गया था। अधिकारियों के साथ केवल प्रधान पक्ष के चार लोग और शिकायतकर्ता को ही जांच स्थल तक जाने दिया गया था। वापसी में दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से मारपीट हुई, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांत करा दिया। अधिकारियों पर किसी प्रकार का हमला नहीं हुआ है। अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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