खखरेरु फतेहपुर क्षेत्र के कनपुरवा गांव के पानी टंकी के पास क्षेत्रीय कोली (कोरी)समाज के व्यक्तियों द्वारा वीरांगना झलकारी बाई की 195वीं जयन्ती व मेघा अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया जिसमें वक्ताओं ने भी अपने अपने विचार प्रकट किए उन्होंने बताया कि वीरांगना झलकारी बाई का जन्म सन1830ई०मे व मृत्यु 1857 में हुई थी अपने 27वर्ष के जीवन काल में ऐसा कारनामा कर गया कि इतिहास हमेशा याद करेगा झलकारी बाई कोली जाति से आती हैं अपने पति के साथ झांसी पहुंच गयी और रानी लक्ष्मीबाई के द्वारा चलाए जा रहे दुर्गा वाहिनी ग्रुप में सामिल हो गयी चूंकि झलकारी बाई की शक्ल रानी लक्ष्मीबाई से काफी मिलती जुलती थी इसलिए अंग्रेजों के साथ लड़ाई में अंग्रेज नहीं समझ पाए कि यह रानी लक्ष्मीबाई है कि झलकारी बाई जब जानकारी हुई तो लड़ते हुए अंग्रेजों के हाथों मारी गयी अंग्रेजों के साथ लडने वी झलकारी बाई थी जब कि वाह वाही रानी लक्ष्मीबाई को मिल रही है जो 80 वर्षों तक जीवित रही हैं जिसके इतिहास को दबाया जा रहा है इस अवसर पर सांसद नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि उस समय में लड़ाई हांथी घोड़ों द्वारा तलवार से होती थी आज के शासन काल में मुख्य लड़ाई तो ई वी एम मसीन से जिसके बल पर संविधान को भी मौजूदा सरकार बदलना चाहती है जब कि हम लोगों को बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के द्वारा ही वोट का अधिकार मिला था उसे भी मौजूदा सरकार ई वी एम लाकर छीनना चाहती है हाई स्कूल व इन्टर के मेधावी छात्र एवं छात्राओं को सील्ड व प्रसस्त्रि पत्र देकर सम्मानित किया गया इस कार्यक्रम का संचालन चन्द्मणि भास्कर व अध्यक्षता राकेश कुमार ने किया इस कार्यक्रम में मुख्य भागेदारी सुनील कोरी की रही व इस अवसर पर कुवर सिंह एडवोकेट,डा सुमित सिंह, सुमित पाल,नरेश कोरी (भावी प्रत्याशी विधान सभा खागा), नरसिंह पटेल (पूर्व जिला पंचायत सदस्य) चेयरमैन फतेहपुर राजकुमार मोर्या,सांसद नरेश उत्तम पटेल, मीना भारती पूरन कोरी सहित हजारों क्षेत्र कोली समाज के लोग उपस्थित रहे
0 टिप्पणियाँ