✍️रन्नो सिंह
खागा तहसील कोतवाली खागा पुलिस चौकी मझिलगांव क्षेत्र छीमी गांव के छोटेलाल पाल की सात बेटियां हैं जिसमें सबसे बड़ी लालती देवी,अनंती देवी,सुनीता देवी, सुशीला देवी,आशा देवी, रीता देवी और सबसे छोटी अविवाहित कल्पना देवी हैं जो एक सरकारी परिवार रजिस्टर में दर्ज भी है और जिसे मौके वारदात जांच उपरांत सही पाया गया। यह बताना इसलिए जरूरी है कि छोटेलाल से दूसरे नंबर की बेटी अनंती देवी ने धोखाधड़ी से अपने नाम पूरी खेती बैनामा करा लिया था जिसका बैनामा कैंसिलेशन का मुकदमा सिविल जज जू,डि,पंजीकृत होते हुए चार सौ बीसी कर अनंती देवी ने ज्ञानमती के नाम बैनामा कर दिया दो हजार पच्चीस में। और जब छोटी बेटी कल्पना देवी को पता चला तो दाखिल खारिज पर आपत्ति लगाई और तहसील दिवस थाना दिवस पुलिस चौकी मझिलगांव हर जगह लिखित शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। यहां तक कि कल्पना देवी गेहूं कटाई कर लिया और मूंग बोने के लिए ट्रैक्टर बुलवाया तो ज्ञानमती के लड़के नरेंद्र यादव सुरेंद्र यादव और महिलाएं लाठी डंडे लेकर खेत में आ गए और हमें और हमारी बहेन भतीजे को लाठियों से 31 मार्च को मारा और हम लोग पुलिस चौकी मझिलगांव गये तो वहां से कोतवाली खागा भेज दिया जहां हमारी एफ आई आर दर्ज नहीं किया और ना ही मेडिकल करवाया। इसके बाद डीएम और एसपी को को भी दिया लेकिन गरीब होने के कारण कोई नहीं सुना लेकिन खागा उपजिलाधिकारी ने और नायब तहसीलदार ने न्याय करते हुए दाखिल खारिज रोक दिया और ज्यादा विवाद को देखते हुए 16/10/2025 को लेखपाल कानूनगो मझिलगांव चौकी प्रभारी संजय परिहार ने नजरी नक्शा बना कर माननीय न्यायालय आदेश के मुताबिक गाटा संख्या 3742,2576,3737क,3767,2585 और 3776 को कुर्क कर छीमी प्रधान प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह पुत्र स्व शिवबरन सिंह को सुपुर्द की गई उस समय खाली भूमि थी कोई फसल नहीं थी। लेकिन सुरेंद्र यादव और नरेंद्र यादव के घर पास खेत होने के कारण रात में पानी लगा कर उसमें लाही सरसों बो दिया जिसकी शिकायत प्रधान प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह ने तहसील दिवस में दिया और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी दिया लेकिन कुछ नहीं हुआ और खागा उपजिलाधिकारी अभिनीत कुमार कह रहे थे कि सरकारी फसल है लेकिन कल्पना देवी चुपचाप दूर से लाही सरसों काटने का वीडियो बनाकर एक सौ बारह नंबर पुलिस को फोन कर बताया और पुलिस गई भी तो बीच में मिल कर चली आई और लिखित शिकायती पत्र मझिलगांव चौकी प्रभारी को दिया जिसमें पुलिस सुरेंद्र सिंह के घर तक गये लेकिन अभी फसल वहीं पड़ी है। जबकि फतेहपुर में भी मुकदमा विचाराधीन है। और कोर्ट में छोटेलाल की दो बेटी बताया है जो सरासर कोर्ट को भी गुमराह किया जा रहा है ऐसी स्थिति में शासन और प्रशासन कड़ी कार्रवाई करने से क्यों पीछे है। क्या गरीब असहाय बेसहारा अविवाहित कल्पना देवी को न्याय नहीं मिलेगा केवल पैसे वाले लोगों के लिए कोर्ट अदालत है।
0 टिप्पणियाँ